समय चक्र

गुरुवार, 12 अप्रैल 2012

                      ऐसा ही तो होता है भाग्यवान जब मैके  जाती है!
चद्दर मैली..कमरे में सब चीजें फैली]
चाय बने जैसे तैसे तो जल जाये पतेली]
..........ऐसा ही तो होता है भाग्यवान जब मैके  जाती है!

अलार्म बजते रहते है]और हम सोते रह जाते है]
फिर पडोसी होकर परेशां हमको जगाते है]
देख घडी की बेरुखी हम दौड़ लगाते है]
...........
ऐसा ही तो होता है भाग्यवान जब मैके  जाती है!

शाम को घर जब आ जाते है]
रसोई में मिले  वो  खा जाते है]
फिर बाज़ार घुमने जाते है]
..........
ऐसा ही तो होता है भाग्यवान जब मैके  जाती है!

मिलता नहीं पायजामा है]
भूले सा-रे-गा-मा है]
हालात  खरामा खरामा है]
..........ऐसा ही तो होता है भाग्यवान जब मैके  जाती है!

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